दर्शनशास्त्र में भी किसी भी दूसरी चीज की तरह कुछ खास सिद्धांतों और प्रणालियों से कट्टर लगाव हो सकता है, जो लोगों को असहिष्णु और दूसरों पर जुल्म करने का शौकीन बना देता है। ऐसा बहुत कम ही होता है कि प्लेटो की यह इच्छा पूरी हो सके कि दर्शनशास्त्र और सर्वोच्च सत्ता एक साथ हों। प्लेटो की बात सही होती अगर उनके दर्शनशास्त्र का मतलब सच्ची समझदारी होता जिसे कभी स्कूल में नहीं सीखा जा सकता, लेकिन स्कूल का दर्शनशास्त्र जब सर्वोच्च सत्ता के साथ जुड़ जाता है तो निश्चित रूप से दमन का एक बहुत बड़ा जरिया बन जाता है। -जोहान ऑगस्ट विल्हेम निएंडर
664 ईस्वी में 14 जुलाई को एंग्लो-सैक्सन राज्य के राजा और अपने पिता एडबाल्ड के उत्तराधिकारी एओर्सेनबेर्हट ऑफ केंट का निधन हुआ। एओर्सेनबेर्हट को चर्च ऑफ सेंट मैरी कैंटरबरी में दफ्नाया गया।
809 माना जाता है कि ईस्वी में 14 जुलाई 809 को नारा काल और प्रारंभिक हीयान काल के जापानी जनरल ओटोमो नो ओटोमारो का निधन हुआ। ओटोमो नो ओटोमारो सेई-आई ताइशोगुन की उपाधि धारण करने वाले पहले व्यक्ति थे। शोगुन की उपाधि सम्राट कानमु ने 794 में प्रदान की थी।
926 ईस्वी में 14 जुलाई को हीयान क्यो (क्योटो) में मुराकामी का जन्म हुआ। मुराकामी जापान के 62वें सम्राट बने। मुराकामी ने 946 से 5 जुलाई 967 तक यानी अपनी मौत तक शासन किया।
937 रेगेन्सबर्ग, बवेरिया में बवेरिया का ड्यूक अर्नुल्फ, ड्यूक ऑफ बवेरिया (अर्नुल्फ द्वितीय ड्यूक ऑफ बवेरिया) की मौत हुई। अर्नुल्फ को बुरा (जर्मन भाषा में डेर लीमे) दुष्ट (डेर बोस) कहा गया है।
982 ईस्वी में 14 जुलाई को राजा ओटो द्वितीय और उनकी फ्रैन्किश सेना को दक्षिणी इटली के केप कोलोना में अल-कासिम की मुस्लिम सेना ने परास्त किया।
1223 फिलिप द्वितीय की मृत्यु के बाद उनके बेटे लुइस आठवें फ्रांस के राजा बने।
1430 मई में बरगंडियन लोगों द्वारा पकड़ी गईं फ्रांसीसी वीरांगना जोन ऑफ आर्क को ब्यूवे के बिशप पियरे कॉचॉन को सौंप दिया गया।
1454 मोंटेपुलसियानो, फ्लोरेंस गणराज्य में एग्नोलो (एंजेलो पोलिजियानो, एंजेलो) का जन्म हुआ। एग्नोलो फ्लोरेंटाइन पुनर्जागरण के प्रसिद्ध इतालवी शास्त्रीय विद्वान और कवि बने।
1456 जॉन हुन्यादी और उनकी सेना ने डेन्यूब नदी क्षेत्र में ओटोमन बेड़े को हराया, जिससे उन्हें बेलग्रेड के घिरे शहर को सुदृढ़ करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने की सुविधा मिली।
1636 मुगल बादशाह शाहजहां ने अपने बेटे औरंगजेब को दक्कन का वायसराय नियुक्त किया।
1769 गैस्पर डी पोर्टोला के नेतृत्व में एक अभियान सैन डिएगो में अपने बेस से मोंटेरे पोर्ट (अब मोंटेरे, कैलिफोर्निया) की खोज के लिए निकला।
1771 फ्रांसिस्कन भिक्षु जुनिपेरो सेरा ने आधुनिक कैलिफोर्निया में मिशन सैन एंटोनियो डी पदुआ की स्थापना की। यह मिशन अपर कैलिफोर्निया में पकी हुई टाइल वाली छत का इस्तेमाल करने वाला पहला मिशन था। आज यह मिशन मोंटेरे डायोसिस का एक पैरिश चर्च है और अब उस मिशन के काम में सक्रिय नहीं है जिसके लिए इसे शुरू किया गया था।
1789 अत्यधिक गरीबी, शोषण, उत्पीड़न, महंगाई और भूख से त्रस्त फ्रांसीसी जनता ने क्रांति की शुरुआत की। क्रांति के दौरान बैस्टिल की ऐतिहासिक जेल पर पेरिस की जनता ने अधिकार कर लिया, कैदियों को छोड़ दिया और जेल के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया। पेरिस में बैस्टिल पर इस कब्जे की घटना ने व्यापक स्तर पर सत्ता से त्रस्त जनता को फ्रांसीसी क्रांति के लिए उत्साहित किया। 14 जुलाई को जनपक्षधर संगठन, व्यक्ति, बुद्धिजीवी इत्यादि बैस्टिल दिवस पर धरना, प्रदर्शन, विचार-गोष्ठियां इत्यादि विविध कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
1794 मैसूर के महाराजा कृष्णाराजा वाडियार तृतीय का जन्म श्रीरंगपट्टन में हुआ।
1790 फ्रांसीसी लोगों की एकता और राष्ट्रीय सुलह का जश्न मनाने के लिए फेते डे ला फेडरेशन का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
1798 अमेरिकी कांग्रेस ने राजद्रोह एक्ट को मंजूरी दी। इससे सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक, गलत या भ्रामक खबरें लिखना, छापना या बोलना अपराध बन गया।
1850 गॉटिंगेन, जर्मनी में जर्मन धर्मशास्त्री और चर्च के इतिहासकार जोहान ऑगस्ट विल्हेम निएंडर (जन्म 17 जनवरी 1789) का निधन हुआ। 1850 में इसी दिन फ्लोरिडा, अमेरिका के फिजीशियन, वैज्ञानिक जॉन बी गोरी ने मशीन द्वारा जमाई गई बर्फ का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया गया। 1841 में फ्लोरिडा में पीला बुखार के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई थी। जॉन का विचार था कि इस बीमारी के फैलने के पीछे गर्मी एक वजह है। इससे निपटने के लिए उन्होंने अपने क्लिनिक की खिड़की के पास एक बर्तन में बर्फ भरकर टांग दिया। इस बर्तन से हवा टकराकर कमरे में जाती और कमरा ठंडा रहता। उस समय बर्फ हासिल करना आसान नहीं था। ठंडी जगहों से बर्फ को जहाजों में भरकर सप्लाई किया जाता था। जॉन ने सोचा क्यों न बर्फ बनाई जाए। 1755 में विलियम क्लेन भी इथर को वैक्यूम में गर्म कर बर्फ बनाने का प्रयास कर चुके थे। जॉन बी गोरी ने मशीन पर काम शुरू किया और चार साल में उसे बना भी लिया। गोरी को 14 जुलाई 1850 को एक काउंसिल मेंबर रोसन ने पार्टी दी थी। इस दौरान बर्फ खत्म हो गई। तब एक मेहमान ने कहा- अब हमें गर्म वाइन पीनी पड़ेगी। इस पर रोसन ने खड़े होकर कहा, फ्रांस की आजादी के मौके पर तो बिल्कुल नहीं। उनके ऐसा बोलते ही वेटर बर्फ के साथ वाइन की बोतल ले आए। इस बर्फ को गोरी ने ही बनाया था।
1853 प्रथम यूएस वर्ल्ड का मेला न्यूयॉर्क के क्रिस्टल पैलेस में शुरू हुआ।
1856 प्रसिद्ध भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल गणेश आगरकर का जन्म हुआ।
1861 कॉट लिंग ने अतीत के अविष्कारों के अनुभवों और अनुसंधानों के आधार पर उन्नत हथियार के रूप में मशीनगन बनाई।
1864 अमेरिका के मोंटाना प्रांत की राजधानी हेलेना में सोने की खोज हुई।
1867 अल्फ्रेड नोबेल ने दक्षिण इंग्लैंड के सरे स्थित पहाड़ी पर लोगों के सामने डायनामाइट के विस्फोट का प्रदर्शन किया। अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल का जन्म 21 अक्टूबर 1833 को हुआ था। पिता इमानुएल नोबेल के दिवालिया होने के बाद 1842 में नोबेल 9 साल की उम्र में अपनी मां आंद्रिएता एहल्सेल के साथ नाना के घर सेंट पीट्सबर्ग चले गए। यहां उन्होंने रसायन विज्ञान और स्वीडिश, रूसी, अंग्रेजी, फ्रेंच और जर्मन भाषाएं सीखीं। पेरिस की एक निजी रिसर्च कंपनी में काम करने के दौरान अल्फ्रेड की मुलाकात इतावली केमिस्ट अस्कानियो सोब्रेरो से हुई। सोब्रेरो ने विस्फोटक लिक्विड नाइट्रोग्लिसरीन का आविष्कार किया था। यह इस्तेमाल के लिए खतरनाक था। यहां से अल्फ्रेड की रुचि नाइट्रोग्लिसरीन में हुई और उन्होंने निर्माण कार्यों में इसके इस्तेमाल के बारे में सोचा। 1863 में स्वीडन लौटने पर अल्फ्रेड का फोकस नाइट्रोग्लिसरीन को विस्फोटक के रूप में विकसित करने पर रहा। दुर्भाग्य से यह परीक्षण असफल रहा, जिसमें कई लोगों की मौत भी हो गई। मरने वालों में अल्फ्रेड का छोटा भाई एमिल भी शामिल था। इसके बाद स्वीडिश सरकार ने नाइट्रोग्लिसरीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी, लेकिन अल्फ्रेड नहीं रुके, उन्होंने झील में एक नाव को अपनी प्रयोगशाला बनाया। 1866 में उन्होंने नाइट्रोग्लिसरीन में सिलिका मिलाकर एक ऐसा मिश्रण बनाया जो विस्फोटक था, साथ ही इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित भी था। 1867 में 14 जुलाई को इस मिश्रण को नोबेल ने साउथ इंग्लैंड के सरे स्थित पहाड़ी पर लोगों के सामने प्रदर्शित किया। उन्होंने विस्फोटकों को पहाड़ी से नीचे फेंका और धमाके की तीव्रता भी कंट्रोल कर दिखाई ताकि लोगों को इसके सुरक्षित होने का भी पता लग सके। अगले साल अल्फ्रेड नोबेल को इस आविष्कार का पेटेंट भी मिला। उनके इस आविष्कार को दुनिया आज डाइनामाइट के नाम से जानती है। डाइनामाइट के आविष्कार के बाद निर्माण उद्योग में इसका इतना ज्यादा इस्तेमाल होने लगा कि अल्फ्रेड ने 90 जगहों पर डाइनामाइट बनाने की फैक्ट्री खोली। 20 से ज्यादा देशों में ये फैक्ट्रियां थीं। वे लगातार फैक्ट्रियों में घूमते रहते थे। इस वजह से लोग उन्हें यूरोप का सबसे अमीर आवारा कहते थे। डाइनामाइट के अलावा अल्फ्रेड के नाम पर 355 पेटेंट हैं। उन्होंने अपनी वसीयत में मानवता को लाभ पहुंचाने वाले लोगों को अपनी संपत्ति में से पुरस्कार देने की इच्छा जताई थी, जो आज प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार नाम से जाना जाता है। स्विडन स्थित नोबल समिति हर साल दुनिया भर से विभिन्न पुरस्कारों के लिए योग्य व्यक्तियों का चयन करती है। नोबल की मौत की खबर एक अखबार ने द मर्चेंट आफ डेथ इज डेड शीर्षक से दी। असल में मुनाफाखोरों ने खूब डायनामइट का उपयोग कर अपने कारोबार, उद्योग को बढ़ाकर मुनाफा कमाया। इसमें जगह-जगह दुर्घटनाओं में तमाम लोगों की मौत हुई और डायनामाइट के दुरुपयोग से नोबल बहुत व्यथित हुए। इसीलिए वह अपनी वसियत में यह व्यवस्था कर गये कि उनकी संपत्ति से समाज के लिए बेहतर काम करने वाले विविध क्षेत्रों के लोगों को पुरस्कार दिए जाएं।
1874 शिकागो नगर में आग से 47 एकड़ क्षेत्र जलकर खाक हो गया। 812 से अधिक इमारतें नष्ट तमाम लोग मारे गये, इसके बाद अग्नि बीमा कंपनियों ने शिकागो की नगर परिषद से सुधारों की मांग की।
1893 प्रिया अग्रहारम, नरसनपेटा, श्रीकाकुलम में गरिमेल्ला सत्यनारायण का जन्म हुआ। गरिमेल्ला सत्यनारायण आंध्र प्रदेश राज्य के अग्रणी कवि और स्वतंत्रता सेनानी बने। उन्होंने अपने देशभक्तिपूर्ण गीतों और लेखों के जरिए आंध्र के लोगों को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एकजुट और प्रेरित किया, इस कारण ब्रिटिश प्रशासन ने उन्हें कई बार जेल में डाला।
1896 आगरा के प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार राजा लक्ष्मण सिंह का निधन हुआ।
1899 सबसे पहला गणतंत्र दक्षिण अमेरिका में घोषित किया गया।
1902 पेरू के खोजकर्ता और किसान अगस्टिन लिजारगा ने इंकाओं का खोया शहर माचू पिचू की खोज की। माचू पिच्चू पेरू में एंडीज पर्वतमाला में उरुबाम्बा नदी घाटी के ऊपर स्थित एक इंका गढ़ है। 15वीं शताब्दी में निर्मित यह अपनी परिष्कृत सूखी पत्थर की दीवारों के लिए प्रसिद्ध है मोर्टार के उपयोग के बिना विशाल ब्लॉक जुड़े हैं। यहां आकर्षक इमारतें खगोलीय संरेखण और मनोरम दृश्यों पर आधारित हैं। । 1902 वेनिस, इटली में सेंट मार्क बेसिलिका का घंटाघर कैंपनील ढह गया। इसी दिन प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हुए चंद्रभानु गुप्त का जन्म हुआ।
1911 राइट बंधुओं के लिए आयोजित प्रदर्शनी में पायलट हैरी एटवुड का स्वागत राष्ट्रपति टैफ्ट ने किया जब उसने बोस्टन से उड़ान भरकर वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर अपना हवाई जहाज सुरक्षित उतारा।
1914 पहले तरल ईंधन आधारित रॉकेट की डिजाइन का पेटेंट रॉबर्ट एच गोगार्ड को मिला।
1917 जाने माने भारतीय फिल्म संगीतकार रोशन यानी रोशन लाल नागरथ का जन्म गुजरांवाला, पाकिस्तान में हुआ।
1920 शंकरराव चव्हाण का जन्म हुआ। शंकरराव चव्हाण महाराष्ट्र के प्रमुख राजनेता, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे।
1921 टोडमॉर्डेन, वेस्ट राइडिंग ऑफ यॉर्कशायर, इंग्लैंड में जेफ्री विल्किंसन का जन्म हुआ। जेफ्री विल्किंसन आगे चलकर अंग्रेजी रसायनज्ञ, अकार्बनिक रसायन विज्ञान और सजातीय संक्रमण धातु कटैलिसीस में व्यापक शोध, विकास के लिए जाने गए। अनेक पुरस्कारों, सम्मानों के साथ उन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला और सर की उपाधि दी गई इसलिए उनका नाम सर जेफ्री विल्किंसन लिखा जाता है।
1927 अमेरिका के हवाई द्वीप में विमान की पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई।
1933 जर्मनी में फासिस्ट एडोल्फ हिटलर की सरकार ने अपनी नाजी पार्टी को छोड़ शेष सभी राजनीतिक दलों को गैरकानूनी घोषित किया और दमनकारी नीति की शुरूआत हुई। इससे बहुत नेता, कार्यकर्ता और सामान्य लोग भी भारी संख्या में जेलों में डाल दिए गए, मार दिए गए और बहुत से जर्मनी से बाहर चले गए।
1936 जाने माने गुजराती फिल्म एवं स्टेज अभिनेता, फिल्म निर्माता, निर्देशक उपेंद्र जेठालाल त्रिवेदी का जन्म इंदौर में हुआ।
1937 जानी मानी फिल्म अभिनेत्री (विख्यात फिल्म अभिनेता ओम शिवपुरी की पत्नी) सुधा शिवपुरी का जन्म इंदौर मध्य प्रदेश में हुआ।
1940 द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी के बमवर्षक विमानों ने स्वेज नहर पर बमबारी की।
1942 कांग्रेस के वर्धा अधिवेशन में भारत छोड़ो प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत महात्मा गांधी को ब्रिटेन से भारत की स्वतंत्रता के लिए अभियान चलाने का अधिकार दिया गया। देश भर में 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन चला।
1945 भारत के प्रमुख अमीर लोगों में से एक और प्रमुख कारोबारी एचसीएल टैक्नोलोजीस लि. के मुखिया शिव नडार का जन्म हुआ।
1950 वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपर कंपनी एमजीआर के मालिक, मैकेनिकल इंजीनियर और अमीर कारोबारी ग्रांधी मल्लिकार्जुन राव का जन्म राज़म, आंध्र प्रदेश में हुआ।
1951 किसी खेल कार्यक्रम का पहली बार रंगीन प्रसारण सीबीएस चैनल पर हुआ, जिसमें एक घुड़दौड़ प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण किया गया।
1957 भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी, पूर्व सीबीआई डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस आयुक्त हुए आलोक वर्मा का जन्म दिल्ली में हुआ।
1958 इराक में जनरल अब्दुल करीम के विद्रोह के बाद राजशाही व्यवस्था का अंत हुआ और प्रजातंत्र की स्थापना हुई।
1965 मंगल के पास से गुजरने वाले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यान ने किसी दूसरे ग्रह की पहली क्लोज अप तस्वीरें लीं।
1969 जयपुर में मालगाड़ी और यात्री गाड़ी की टक्कर में 85 लोगों की मौत हुई। इसी दिन 1969 में अमेरिका के वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व सिस्टम ने 500, 1,000, 5,000 और 10,000 डॉलर के नोट बंद किये।
1971 भारत की सुपर माॅडल और फेमिना मिस इंडिया पीजेंट 1992 मधु सप्रे का जन्म नागपुर में हुआ। इसी दिन जानी मानी मास्टरशेफ और पूर्व शिक्षिका पंकज भदौरिया का जन्म लखनऊ में हुआ।
1972 सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1975 फिल्म संगीतकार मदन मोहन का निधन हुआ। साधना और सुनील दत्त अभिनीत मेरा साया फिल्म (1966 निर्देशक राज खोसला) के लिए राजा मेहंदी अली खां के लिखे और लता मंगेशकर के गाये गीत तू जहां-जहां चलेगा, मेरा साया साथ देगा.को संगीतकार मदन मोहन ने संगीतबद्ध किया था। 25 जून 1924 को जन्मे मदन मोहन का निधन 14 जुलाई 1975 को हुआ।
1987 ताइवान में 37 वर्षों के बाद मार्शल कानून समाप्त किया गया।
1990 जाने माने भारतीय फुटबाल खिलाड़ी जसेल अलेन करनीरो का जन्म कर्टोरिम, गोवा में हुआ।
1991 इराक से ब्रिटिश सेना की वापसी हुई।
1995 एमपी 3 डिजिटल ऑडियो सिस्टम एन्कोडिंग के प्रारूप को प्रस्तुत किया गया।
1996 अमेरिका ने पाकिस्तान को ब्राउन संशोधन के अंतर्गत हथियार भेजने शुरू किये।
2003 कर्नाटक के धारवाड़ में 9 सितंबर 1909 को जन्मी भारतीय फिल्म जगत के शुरुआती दौर यानी 1930 से 1980 तक करीब 50 साल हिंदी फिल्मों में सक्रिय रहीं अभिनेत्री लीला चिटनिस का निधन 14 जुलाई 2003 को डैनबरी, कनेक्टिक, अमेरिका में हुआ।
2008 नेपाल की कार्यकारी संसद ने प्रधानमंत्री के निर्वाचन वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी।
2012 दुनिया भर में गैर-बाइनरी लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गैर-बाइनरी पीपुल्स दिवस का आयोजन पहली बार किया गया।
2013 भारत में आखिरी टेलीग्राम भेजा गया था। ये टेलीग्राम कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भेजा गया। इसी के साथ 163 साल पुरानी टेलीग्राम सेवा को देश में बंद कर दिया गया। भारत में 1851 में प्रायोगिक रूप में कलकत्ता से डायमंड हार्बर तक तार (टेलीग्राम) सेवा शुरू की गई थी। तब ईस्ट इंडिया कंपनी के लोग ही इसका इस्तेमाल करते थे। धीरे-धीरे पूरे देश में इसका इस्तेमाल शुरू हुआ और 1855 में आम लोगों के लिए भी तार भेजने की सुविधा शुरू हुई। मोर्स कोड के जरिए एक जगह से दूसरी जगह मैसेज भेजने की ये तकनीक एक जमाने में सबसे तेज संदेश भेजने का इकलौता जरिया थी। इंटरनेट के आने तक दुनिया भर में समाचारों के आदान-प्रदान का एकमात्र यही जरिया था।, मोबाइल जैसी नई तकनीकों की वजह से यह अप्रासंगिक हो गई। नुकसान भी बढ़ता जा रहा था। भारत सरकार को टेलीग्राम सर्विस पर सालाना 100 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते थे, पर कमाई सिर्फ 75 लाख की थी। 12 जून 2013 को सरकार ने इस सेवा को बंद करने का फैसला लिया और 14 जुलाई 2013 को आखिरी तार भेजने के बाद यह सेवा हमेशा के लिए बंद हो गई। इसी दिन बेंजामिन नेतन्याहू, इजरायल के प्रधानमंत्री ने तीन साल के अंतराल पर फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को फोन कर उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष शांति वार्ता में फिर से प्रवेश कर सकते हैं।
2014 इंग्लैंड के चर्च ने महिलाओं को भी बिशप बनाने के पक्ष में वोट किया।
2015 नासा का न्यू होराइजन प्लूटो पर जाने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना और सौर मंडल का प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा किया।
2016 फ्रांस के नीस में बैस्टिल दिवस समारोह में एक व्यक्ति ने ट्रक घुसा दिया, जिसमें 86 लोग मारे गए और 434 अन्य घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक चला रहे व्यक्ति को गोली मार दी।
2018 प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार ललित मोहन राय का निधन हुआ।
2017 गणित की दुनिया का प्रतिष्ठित सम्मान फील्ड्स मेडल पाने वाली पहली महिला गणितज्ञ मरियम मिर्जाखानी (जन्म 3 मई 1977 तेहरान, ईरान) का निधन हुआ।
2020 बुग्लोस, फ्रांस में रोजा (जन्म 26 मई 2001 पेन) नामक चर्चित गाय की मौत हुई। फ्रांसीसी गेम शो इंटरविल्स में अपनी भागीदारी के लिए जानी जाती थी। अपनी बुद्धिमत्ता और आक्रामकता के कारण वह इस कार्यक्रम का एक लोकप्रिय हिस्सा बन गई थी। 2020 में गैस्ट्रिक बीमारी से उसकी मृत्यु हो गई।
2022 मैनहट्टन का अपर ईस्ट साइड, न्यूयॉर्क शहर में चर्चित चेक और अमेरिकी बिजनेसवुमन, मॉडल, सोशलाइट और वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पूर्व पत्नी इवाना मैरी ट्रंप (मूल नाम, इवाना मैरी जेलनिचकोवा, जन्म 20 फरवरी 1949 गॉटवाल्डोव, चेकोस्लोवाकिया गणराज्य, आज का चेकिया)) का निधन सीढ़ियों से गिरने से लगी सिर की चोट से हुआ।
2023 ट्विटर ने क्रिएटर्स के लिए शुक्रवार को क्रिएटर्स पेमेंट शुरू करने की घोषणा की। इसके लिए कंपनी ने ऐड्स रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम की शुरुआत की। ट्विटर के इस फैैैैसले के बाद शेयर प्राप्त करने वाले कई उपयोगकर्ताओं ने मस्क को धन्यवाद दिया। ट्विटर की ओर से क्रिएटर्स को संबोधित संदेश में लिखा है कि हमारे विज्ञापन राजस्व में आपके हिस्से के रूप में आपको 11,298 रुपये प्राप्त होंगे। आपका हिस्सा अगले 72 घंटों के भीतर आपके पेटीएम से जुड़े खाते में जमा कर दिया जाएगा। ट्विटर पर क्रिएटर होने के लिए धन्यवाद।
2024 जैकोबी जोन्स नामक प्रसिद्ध अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ का निधन हुआ। इसी दिन 2024 में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को कहा कि 51 लाख पेड़ों के लिए इंदौर के कुल क्षेत्रफल की दोगुनी जमीन चाहिए। शहर के रेवती रेंज में 11 लाख पौधे लगाने के साथ रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इस अभियान की शुरुआत की गई। जीतू पटवारी ने कहा कि पौधारोपण के प्रति आम जनता का रुझान बनाना बहुत अच्छी बात है। यह स्वागत योग्य कदम है। लेकिन सिर्फ पौधे लगाना, विज्ञापन देना, इवेंट करना, पैसा लगाना ही सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उनका संरक्षण भी होना चाहिए, उन्हें जिंदा रखने की भी कोशिश होनी चाहिए। जीतू पटवारी ने कहा कि एक पौधे के विकसित होने और पेड़ बनने में जितनी जमीन की जरूरत होती है उस हिसाब से 51 लाख पौधों के लिए पूरे इंदौर के क्षेत्रफल की तुलना में दोगुनी जमीन की जरूरत होगी। नर्मदा नदी के किनारे साढ़े छह करोड़ पौधे लगाने के भाजपा सरकार के दावे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब सर्वे किया गया और मीडिया के लोग वहां पहुंचे तो एक भी पौधा नहीं मिला। उन्होंने कहा, भाजपा कहती है कि हमारी सरकार ने साढ़े छह करोड़ पौधे खरबों रुपये खर्च करके लगाए। लेकिन रुपये और पौधों को लेकर भ्रष्टाचार की जांच चल रही है जो विधानसभा की किसी फाइल में है। भाजपा सरकार जनता के साथ धोखा बंद करें। इसी दिन समान नागरिक संहिता पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य कमाल फारुकी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमें यूसीसी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं है और वे इस कानून को कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा, मुस्लिमों के पर्सनल कानून में किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कमाल फारुकी ने कहा, यूनिफॉर्म सिविल कोड संविधान का हिस्सा नहीं है, इसलिए ये हमें स्वीकार नहीं है। संविधान हमें अपने धर्म का अनुसरण करने की पूरी आजादी देता है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि अपने धर्म का पालन कर सकते हैं। कमाल फारुकी ने कहा कि हमें संविधान से पर्सनल लॉ मिला है। जो हमारे कुरान मजीद ने बताए हैं, उसमें हम किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं। इसके खिलाफ बने कानून को हम चुनौती देंगे। उन्होंने तलाक के बाद मुस्लिम महिलाओं को गुजारा-भत्ते देने के कोर्ट के फैसले पर कहा कि इसके लिए रविवार को हमारी वर्किंग कमेटी की बैठक हुई है, इसमें चर्चा हुई है कि सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले पर किस तरह से प्रतिक्रिया दी जाएगी। फारुकी ने सीएम योगी के मुहर्रम के संबंध में दिए गए बयान पर कहा कि, अगर मुहर्रम नहीं होगा, तो रामलीला, गुरुनानक जयंती आदि भी बंद होना चाहिए। सड़क पर कोई भी धार्मिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। रामलीला को भी बंद कर देना चाहिए। सबके लिए अलग-अलग नियम नहीं हो सकते हैं। इस देश में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सब समान हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता कासिम रसूल इलियास ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, इसलिए अगर यहां सब एक समान कर दिया गया, तो अशांति पैदा होगी। हमारे यहां आईपीसी और सीआरपीसी के तहत कानून भी एक समान नहीं है, संविधान में भी समानता नहीं है, वहां भी अपवाद है। हम यूसीसी को चुनौती देंगे। उन्होंने गुजारे-भत्ते को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि सर्वोच्च अदालत का फैसला शरीयत के कानून से टकराता है। ये फैसला औरतों के लिए और मुसीबत खड़ी करेगा। उन्होंने तर्क दिया है कि अगर आदमी को तलाक के बाद भी सारी जिंदगी मेंटेनेंस देना होगा, तो वो तलाक ही नहीं देगा, और रिश्तों में जो तल्खी आएगी, उसकी वजह से जिंदगी भर औरत को भुगतना होगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की वर्किंग कमेटी ने बोर्ड को अथॉरिटी दी है कि लीगल कमेटी से बात कर इस फैसले को कैसे वापस लिया जा सकता है, इस पर काम करें।
2025 बेंगलुरु, कर्नाटक में कन्नड़, तमिल, तेलुगु और हिंदी फिल्मों की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक बी. सरोजा देवी (जन्म 7 जनवरी 1938 बैंगलोर, मैसूर राज्य), ब्रिटिश-भारतीय मैराथन धावक फौजा सिंह (जन्म 1 अप्रैल 1911 ब्यास पिंड, पंजाब प्रांत, ब्रिटिश भारत), अमेरिकी इवेंजेलिकल उपदेशक जॉन मैकआर्थर और अमेरिकी कवयित्री व राजनीति, सामाजिक न्याय, एलजीबीटी एक्टिविस्ट एंड्रिया गिब्सन का निधन हुआ।
2026 रूस-यूक्रेन संघर्ष के मद्देनजर यूक्रेन और नौ यूरोपीय देशों द्वारा एक नए मिसाइल डिफेंस गठबंधन की घोषणा के कुछ ही समय बाद रूस ने कीव पर एक बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। यमन की राजधानी सना में रनवे पर हुए हमलों के बाद, जब हूथी बलों ने आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं, इससे यमन और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ गया। फ्रांस ने पूरे देश में मिलिट्री परेड और पारंपरिक आतिशबाजी के साथ बैस्टिल डे मनाया।
आज मैं उस इंसान के तौर पर जी रही हूँ जो मैं कल तक नहीं थी, और आज रात मैं अपने आज के वजूद के बस कुछ हिस्से ही कल के लिए साथ ले जाऊँगी। -एंड्रिया गिब्सन
(Disclaimer विशेष सूचना- हमने तथ्यों को यथासंभव जांचकर प्रस्तुत किया है। फिर भी किसी भूल के लिए हम क्षमाप्रार्थी होंगे। पाठक कृपया अपने स्तर पर भी तथ्यों को जांच-परख लें, साथ ही हमारा निवेदन है कि यदि आपको कोई त्रृटि दिखी तो कृपया हमें सूचित करें ताकि हम उसे सुधार सकें। आपकी प्रतिक्रियाएं, सुझाव, रचनाएं आमंत्रित हैं। धन्यवाद ! -संपादक - पीपुल्स फ्रैंड)
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