Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

थके हुए से डोनाल्ड ट्रंप ने संसद को बताया, ईरान के साथ युद्ध, शत्रुता समाप्त, आगे कूटनीति और सैन्य कार्रवाई दोनों विकल्प खुले A weary Donald Trump told Congress that hostilities with Iran were over, leaving both diplomacy and military action open



वाशिंगटन। घर-बाहर, दुनिया भर में घिर चुके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सांसदों को बताया कि ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त हो चुका है, इसलिए संसद से सैन्य कार्रवाई के लिए मंजूरी लेने की तय समय सीमा उन पर लागू नहीं होती। व्हाइट हाउस ने इस बारे में अमेरिकी संसद को एक चिट्ठी भेजी है। हालांकि ट्रंप ने कई दोहरी और झूठी बातें कही हैं जिससे उनकी बातों पर संदेह और बढ़ गए हैं। न्यूज वेबसाइट पोलिटिको के अनुसार ट्रंप ने कांग्रेस नेताओं को लिखे एक पत्र में कहा, 7 अप्रैल 2026 के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कोई गोलीबारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई शत्रुता अब समाप्त हो चुकी है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यह कदम इस बहस को शांत करने की कोशिश है कि क्या इस सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी थी। ईरान पर युद्ध क्यों थोपा, उससे हासिल क्या हुआ, इस सवाल का जवाब राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों से अभी तक अमेरिका को नहीं मिला है। युद्ध से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। लोग महंगाई से परेशान हैं। अनैतिक और गैरकानूनी युद्ध से दुनिया भर में तबाही आई है जिससे दुनिया ट्रंप और अमेरिका से परेशान है।

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू किए थे। ट्रंप प्रशासन ने 2 मार्च को कांग्रेस को इसकी औपचारिक जानकारी दी थी, जिसके अनुसार 60 दिन की समयसीमा 1 मई को समाप्त होनी थी। ट्रंप ने शुक्रवार को ये भी कहा कि ईरान के साथ वार्ता अभी भी अनिश्चित है और वे मौजूदा प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं, यद्यपि हमने कूटनीति और सैन्य कार्रवाई, दोनों विकल्प खुले रखे हैं। उन्होंने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं क्या होता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और असहमति से भरा बताया। उन्होंने कहा, वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे पूरी तरह उलझे हुए हैं, और नेतृत्व को काफी असंगठित बताया। उन्होंने यह भी कहा कि आंतरिक मतभेद तेहरान की बातचीत की स्थिति को कमजोर कर रहे हैं। उनके अनुसार, नेता आपस में सहमत नहीं हैं और यह भी स्पष्ट नहीं है कि असली नेता कौन है, जिससे बातचीत जटिल हो रही है। ट्रंप ने दावा किया कि हालिया संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, देश के पास कोई नौसेना नहीं, “,कोई वायु सेना नहीं”, है और उसकी रक्षा क्षमता सीमित रह गई है। तेज बयानबाजी के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि वे कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा, क्या हम जाकर उसे पूरी तरह तबाह कर दें, या समझौता करने की कोशिश करें? मैं मानवीय आधार पर ऐसा नहीं करना चाहूंगा। उन्होंने साफ किया कि अगर बातचीत विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई भी एक विकल्प बना रहेगा। उन्होंने कहा, ये ही विकल्प हैं।

कृपया देखिए हमारा हिंदी समाचार पोर्टल एक्सप्लेनर24.कॉम https://explainer24.com अपने सुझाव दीजिए ! धन्यवाद !

प्रेस / मीडिया विशेष - आप अपने समाचार, विज्ञापन, रचनाएं छपवाने, समाचार पत्र, पत्रिका पंजीयन, सोशल मीडिया, समाचार वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, कंटेंट राइटिंग इत्यादि प्रेस/मीडिया विषयक कार्यों हेतु व्हाट्सऐप 9411175848 पर संपर्क करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ