न्याय में मनमानी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट को तथ्यों, मानकों की अनदेखी पर लगाई लताड़ There is no arbitrariness in justice, the Supreme Court lambasted the Karnataka High Court for ignoring facts, standards
नयी दिल्ली, 12 अप्रैल। सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में निचली अदालत के एक न्यायाधीश को बर्खास्त करने का आदेश देते हुए व्यवस्था दी है कि कोई न्यायिक अधिकारी पूरा फैसला तैयार किए बिना, उसके निष्कर्ष वाले हिस्से को खुली अदालत में जाहिर नहीं कर सकता। जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यम और जस्टिस पंकज की पीठ ने गंभीर आरोपों को छिपाने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि न्यायाधीश का आचरण अस्वीकार्य है। पीठ ने कहा, यह सच है कि कुछ आरोपों का न्यायिक घोषणाओं और न्यायिक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से संबंध होता है, लेकिन वे विभागीय कार्यवाही का आधार नहीं बन सकते। पीठ ने आगे कहा, इसलिए, हम उन आरोपों को नजरअंदाज कर रहे हैं। लेकिन जो आरोप प्रतिवादी की ओर से निर्णय तैयार करने/लिखने में घोर लापरवाही और उदासीनता से संबद्ध तथा अपरिवर्तनीय हैं, वे पूरी तरह से अस्वीकार्य और किसी न्यायिक अधिकारी के लिए अशोभनीय हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायाधीश का अपने बचाव में यह कहना भी पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि अनुभव की कमी और स्टेनोग्राफर की अक्षमता इसके लिए जिम्मेदार है। पीठ ने कहा, ‘अगर प्रतिवादी का यह मानना था कि सारा दोष स्टेनोग्राफर का है, तो स्टेनोग्राफर को गवाह के रूप में बुलाना उनका जिम्मा था। लेकिन दुर्भाग्य से, हाईकोर्ट ने न केवल पंचतंत्र की इस कहानी को स्वीकार किया, बल्कि गवाह के रूप में स्टेनोग्राफर से जिरह नहीं करने के लिए प्रशासन तक को दोषी ठहरा दिया। इस तरह का दृष्टिकोण पूरी तरह से अस्थिर है।
पीठ ने यह भी कहा कि उसके सामने ऐसा कोई मामला नहीं आया, जिसमें हाईकोर्ट ने जुर्माने का आदेश खारिज करते हुए यह कहा हो कि कसूरवार के खिलाफ आगे जांच नहीं होगी। लेकिन इस मामले में, एक नया उदाहरण तैयार करते हुए हाईकोर्ट ने वैसा ही किया।
विशेष सूचना - सम्मानित पाठकगण सादर अभिवादन !
पीपुल्सफ्रैंड.इन में समाचार, रचनाएं, विज्ञापन छपवाने एवं पीपुल्स फ्रैंड हिंदी अखबार एवं पीपुल्सफ्रैंड.इन वेबसाइट का रिपोर्टर बनने अथवा अपना अखबार, पत्रिका, न्यूज वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज आदि चलवाने के लिए संपर्क करें- एपी भारती (संपादक) व्हाट्सऐप 9411175848 रुद्रपुर, उत्तराखंड, भारत #worldhistoryof13april
No comments
Thank you for your valuable feedback