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गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के ठेकेदार निखिल गुप्ता ने अदालत में जुर्म कबूला, रॉ अधिकारी विकास यादव ने दिया था ठेका, विकास भारतीय जेल में बंद Nikhil Gupta, the contractor responsible for the murder of Gurpatwant Singh Pannu, pleaded guilty in court. He was awarded the contract by RAW officer Vikas Yadav. He is currently in an Indian jail



न्यूयॉर्क। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश सहित तीन आपराधिक आरोपों में दोष स्वीकार कर लिया है। अमेरिका के मैनहैटन स्थित संघीय अदालत में यह स्वीकारोक्ति अमेरिकी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज की गई। अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, निखिल गुप्ता ने हत्या के लिए सुपारी हत्या की साजिश मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के आरोपों के तहत दोष स्वीकार किया। इन तीनों आरोपों में अधिकतम 40 साल तक की सजा का प्रावधान है। निखिल गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था। गुप्ता एक वर्ष पहले वहां गिरफ्तार किया गया था। प्रत्यर्पण के तुरंत बाद उसने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन अब अदालत में दोष स्वीकार कर लिया है। वह फिलहाल ब्रुकलिन की जेल में बंद है। वकीलों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि निखिल गुप्ता ने एक भारतीय सरकारी अधिकारी के साथ मिलकर न्यूयॉर्क में रहने वाले सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए उसने एक अमेरिकी को अग्रिम कुछ भुगतान भी किया था। बाकी का भुगतान पन्नू की हत्या के बाद किया जाना था लेकिन भारत सरकार और निखिल गुप्ता की बदकिस्मती से वह अमेरिकी व्यक्ति अमेरिका का सरकारी एजेंट निकला जिसने अपने अधिकारियों को उसे मिले पन्नू की हत्या के ठेके के बावत बता दिया। भारत सरकार ने इस कथित साजिश से खुद को अलग बताया है और कहा है कि इस तरह की किसी भी कार्रवाई का सरकार की नीति से कोई संबंध नहीं है।

भारत सरकार का इन्कार एक बात है और तथ्य दूसरी बात है। अमेरिका की जांच एजेंसियां उस भारतीय अधिकारी की तस्वीर और वारंट जारी कर चुकी है, जिसने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या का ठेका दिया। यह अधिकारी विकास यादव है जो भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और सीआरपीएफ में काम कर चुका है। विकास के प्रयत्र्पण की मांग अमेरिका ने की तो भारत सरकार की चूलें हिल गईं। यादव पर एक फर्जी केस बनाकर उसे जेल में डाल दिया गया। बहाना यह है कि पहले वह भारत में सजा भुगतेगा, जब उसकी सजा पूरी हो जाएगी तब उसे अमेरिका को सौंपा जाएगा। अगर विकास यादव भी अमेरिका के हत्थे चढ़ जाता तो भारत सरकार एक्सपोज हो सकती थी।

इससे पहले भारत सरकार कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में खूब बदनाम हो चुकी है, इस प्रकरण की जांच पांच देशों की संयुक्त जांच एजेंसी ने करके रिपोर्ट दी थी।

प्रस्तुति: एपी भारती (पत्रकार, संपादक पीपुल्स फ्रैंड, रुद्रपुर, उत्तराखंड)

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