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12 फरवरी का विश्व इतिहास: 2000 वर्षो में भारत एवं दुनिया में हुईं महत्वपूर्ण घटनाओं, दिवसों तथा मशहूर हस्तियों के जन्म, निधन दिवसों की जानकारी World History on February 12

हमारा सारा ज्ञान इंद्रियों से शुरू होता है, फिर समझ की ओर बढ़ता है, और तर्क पर समाप्त होता है। तर्क से बढ़कर कुछ भी नहीं है। हम जितने व्यस्त होते हैं, हम उतना ही अधिक महसूस करते हैं कि हम जी रहे हैं, हम जीवन के प्रति उतने ही अधिक सचेत होते हैं। -इमैनुअल कांट (अग्रणी जर्मन दार्शनिक)




41 ईस्वी में 12 फरवरी को रोम, इटली में रोमन सम्राट क्लॉडियस और उनकी तीसरी पत्नी वेलेरिया मेसालिना के पुत्र टिबेरियस क्लॉडियस सीजर ब्रिटानिकस का जन्म हुआ। ब्रिटानिकस अपने पिता का उत्तराधिकारी था। ब्रिटानिकस की मां ने क्लॉडियस की गैरजानकारी में एक विवाह कर रखा था जिससे उसका एक बेटा था। 11 जनवरी 55 ईस्वी को अपने 14 वर्ष आयु के होने की पूर्व संध्या को ब्रिटानिकस की संदिग्ध मौत हो गई। इससे पूर्व सम्राट क्लाडियस मर चुके थे। इस बीच राज-काज पर ब्रिटानिकस की मां वेलेरिया का कब्जा था। ब्रिटानिकस के निधन के बाद वेलेरिया के बेटे नीरो का राजतिलक किया गया। माना जाता है कि सत्ता पर कब्जा करने के लिए नीरो और वेलेरिया ने साजिश कर ब्रिटानिकस को मरवा दिया।

528 लुओयांग, उत्तरी वेई (वर्तमान लुओयांग, हेनान, चीन) में युआन (सम्राट जियाओमिंग की बेटी) का जन्म हुआ। वह उत्तरी वेई राजवंश की साम्राज्ञी बनीं।

661 ओकू, जापान में सम्राट तेनमू की बेटी राजकुमारी ओकू का जन्म हुआ। 

901 कॉन्स्टेंटिनोपल के इक्यूमेनिकल पैट्रिआर्क ऑफ कॉन्स्टेंटिनोपल (एंटनी द्वितीय कौलियास) का निधन हुआ।

1059 रोम पहुंचे पर, टूल के ब्रूनो को पोप लियो 9वें के रूप में चुना गया। पोप लियो 9वें ने बाद में सुधारों की शुरुआत की।

1096 पोप अर्बन द्वितीय ने भ्रमणशील उपदेशक और फोंटेव्राउड एब्बे के संस्थापक रॉबर्ट ऑफ आर्बि्रसेल के अधीन उत्तर-पश्चिमी फ्रांस में मायेन विभाग में कम्यून ला रोए की नींव रखी।

1404 इटालियन प्रोफेसर गैलियाजो डि सांता सोफी ने वियना में हेइलिगेन-जिस्ट स्पिटल में शिक्षण और प्रदर्शन के प्रयोजनों के लिए पहली पोस्टमार्टम शव परीक्षा की।

1429 सर जॉन फास्टोल्फ के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना ने हेरिंग्स की लड़ाई में ऑरलियंस को घेरने वाली सेना के लिए राशन ले जाने वाले एक आपूर्ति काफिले की रक्षा की।

1502 इसाबेला प्रथम ने कैस्टिले के क्राउन में इस्लाम को गैरकानूनी घोषित करने वाला एक आदेश जारी किया, जिससे उसकी लगभग सभी मुस्लिम प्रजा को ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के लिए मजबूर होना पड़ा।

1502 पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को डी गामा ने 15 जहाजों और 800 लोगों के साथ पुर्तगाल के लिस्बन से भारत की अपनी दूसरी यात्रा के लिए प्रस्थान किया। वास्को डी गामा समुद्र के रास्ते भारत पहुँचने वाला पहला यूरोपीय था।

केप ऑफ गुड होप के जरिए भारत की उनकी पहली यात्रा यूरोप और एशिया को समुद्री मार्ग से जोड़ने वाली पहली यात्रा थी, जो अटलांटिक और हिंद महासागरों को जोड़ती थी।

1538 अल्ब्रेक्ट एल्डॉर्फर का जन्म हुआ। रेगेन्सबर्ग, बवेरिया में अल्ब्रेक्ट एल्डॉर्फर पुनर्जागरण के प्रमुख जर्मन चित्रकार, उत्कीर्णक और वास्तुकार बने। लुकास क्रैनाच द एल्डर और वुल्फ ह्यूबर के साथ वे डेन्यूब स्कूल के मुख्य प्रतिनिधि माने गए जिन्होंने अभिव्यंजक रंगों की परिदृश्य पृष्ठभूमि के खिलाफ बाइबिल और ऐतिहासिक विषयों को स्थापित किया। अल्ब्रेक्ट एल्डॉर्फर को नूर्नबर्ग लिटिल मास्टर्स से संबंधित माना जाता है।

1541 स्पेनिश विजेता पेड्रो डी वल्दिविया ने चिली की धरती पर एक बस्ती सैंटियागो (सैंटियागो डे चिले और सैंटियागो डेल न्युवो एक्ट्रीमो) की स्थापना की। सैंटियागो चिली की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। यह इलाका बर्फ से ढके एंडीज और चिली कोस्ट रेंज से घिरी घाटी में बसा है। प्लाजा डे आर्मस शहर का पुराना औपनिवेशिक केंद्र है। 1808 के पैलेसियो डे ला रियल ऑडिएंसिया में राष्ट्रीय इतिहास संग्रहालय है और 18वीं सदी का मेट्रोपॉलिटन कैथेड्रल भी। ला चास्कोना विख्यात कवि पाब्लो नेरुदा का घर है, जिसे संग्रहालय बना दिया गया है।

1554 केवल 9 दिन (10 जुलाई से 19 जुलाई) ब्रिटेन की रानी रहीं लेडी जेन ग्रे को राजद्रोह के आरोप में मौत की सजा दी गई। 16-17 वर्ष की ग्रे राजा हेनरी सप्तम की पोती थीं। उनकी हत्या सत्ता हथियाने के लिए की गई।

1577 नीदरलैंड के नये गवर्नर आस्ट्रिया के डान जान ने गृहयुद्ध समाप्त करने का आदेश जारी किया।

1593 कोरिया पर जापानी आक्रमण के दौरान जनरल क्वोन यूल के नेतृत्व में लगभग 3,000 जोसियन रक्षकों ने हेंगजू की घेराबंदी के दौरान 30,000 से अधिक जापानी सेनाओं को भागने के लिए मजबूर किया।

1689 विलियम और मेरी इंग्लैंड के राजा तथा रानी घोषित किये गए।

1719 ओडरलिंगे वैन ने नीदरलैंड की सबसे पहली जीवन बीमा कंपनी की स्थापना की।

1733 ब्रिटिश अंग्रेज अफसर जेम्स ओगलथोरपे ने अमेरिका के सवाना में तेरह कालोनियों की श्रंख्ला में 13वीं कॉलोनी जॉर्जिया की स्थापना की। इस दिन जॉर्जिया दिवस मनाया जाता है।

1736 ईरान में अफशरीद सल्तनत के संस्थापक नादर शाह अफशार प्रसिया के शासक बने। यह तत्कालीन ईरान और आसपास के इलाके में बहुत शक्तिशाली शासक हुए। इनकी 19 जून 1747 को हत्या कर दी गई।

1742 पुणे में नाना फड़नवीस (बालाजी जनार्दन भानू) का जन्म हुआ। नाना फड़नवीस महाराष्ट्र के पेशवा शासन में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, नेता, कूटनीतिज्ञ बने।

1762 कैरेबियाई द्वीप मार्टिनिक पर ब्रिटेन की नौसेना ने कब्जा किया।

1771 गुस्ताव तृतीय स्वीडेन के राजा बने।

1794 रणोजी सिंधिया के अवैध पुत्र और उत्तराधिकारी महादजी शिंदे का निधन हुआ।

1804 जर्मनी के विश्व विख्यात दार्शनिक एवं विचारक इमैनुएल कांट का 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ।

1809 अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति, विचारक, चिंतक, न्यायविद, दास प्रथा का अंत करने वाले, लोकप्रिय नेता अब्राहम लिंकन का जन्म केंटुकी में हुआ। 15 अप्रैल 1865 को वाॅशिंगटन में इनकी हत्या कर दी गई।

1809 मशहूर भू-विज्ञानी चार्ल्स डार्विन का जन्म हुआ। 24 नवंबर 1859 को चार्ल्स डार्विन की किताब ऑन द ओरिजन ऑफ स्पेशीज बाय मीन्स ऑफ नेचरल सिलेक्शन प्रकाशित हुई। किताब में एक अध्याय था, थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन। इसी में बताया गया था कि कैसे हम बंदर से इंसान बने। उनका निष्कर्ष था कि हम सभी के पूर्वज एक हैं। उनकी थ्योरी के अनुसार हमारे पूर्वज बंदर थे, लेकिन कुछ बंदर अलग जगह अलग तरह से रहने लगे, इस कारण धीरे-धीरे जरूरतों के अनुसार उनमें बदलाव आने शुरू हो गए। उनमें आए बदलाव उनके आगे की पीढ़ी में दिखने लगे। डार्विन ने समझाया कि ओरैंगुटैन (बंदरों की एक प्रजाति) का एक बेटा पेड़ पर, तो दूसरा जमीन पर रहने लगा। जमीन पर रहने वाले बेटे ने खुद को जिंदा रखने के लिए नई कलाएं सीखीं। उसने खड़ा होना, दो पैरों पर चलना, दो हाथों का उपयोग करना सीखा। पेट भरने के लिए शिकार करना और खेती करना सीखा। इस तरह ओरैंगुटैन का एक बेटा बंदर से इंसान बन गया। डार्विन के अनुसार ये बदलाव आने में करोड़ों साल लग गए। इसी सिद्धांत की वजह से डार्विन को दुनियाभर में पहचान मिली। जो पिता कभी कहते थे कि उनका बेटा पूरे खानदान की बदनामी कराएगा, आज उनकी पहचान चार्ल्स डार्विन की वजह से ही है। बताया जाता है कि चार्ल्स डार्विन के पिता रॉबर्ट डार्विन और मां सुसान डार्विन दोनों ही जाने-माने डॉक्टर थे। इसलिए वो चाहते थे कि चार्ल्स भी डॉक्टर बनें। पिता की तमाम कोशिशों के बावजूद चार्ल्स का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था। एक दिन हार कर उनके पिता ने कहा, तुम्हें शिकार करने और चूहे पकड़ने के अलावा और किसी चीज की परवाह नहीं है। ऐसे तो तुम अपनी ही नहीं, पूरे खानदान की बदनामी कर दोगे। चार्ल्स अक्सर इस बात का पता लगाने की कोशिश करते थे कि पृथ्वी पर जीवन कैसे आया ? दिसंबर 1831 में जब चार्ल्स की उम्र 22 साल थी, तब उन्हें बीगल नाम के जहाज से दूर दुनिया में जाने और उसे देखने का मौका मिला। चार्ल्स यात्रा पर गये और रास्ते में जहां-जहां जहाज रुका, वहां-वहां चार्ल्स उतरकर जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों, पत्थरों-चट्टानों और कीट-पतंगों को देखने लगे और उनके नमूने जमा करने लगे। कई सालों तक काम करने के बाद उन्होंने बताया कि इस पृथ्वी पर जितनी भी प्रजातियां हैं, वो मूल रूप से एक ही जाति की उत्पत्ति हैं। समय और हालात के साथ-साथ इन्होंने अपने आप में बदलाव किया और अलग-अलग प्रजाति बन गईं।

1818 दक्षिण अमेरिकी देश चिली को स्पेन से स्वतंत्रता मिली।

1824 आर्य समाज के प्रवर्तक और सनातनी हिंदू सुधारवादी संन्यासी दयानंद सरस्वती का जन्म हुआ।

1855 मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लैंसिंग, मिशिगन की स्थापना मिशिगन राज्य के कृषि महाविद्यालय के रूप में हुई थी, जो संयुक्त राज्य अमेरिका का पहला कृषि महाविद्यालय हुआ।

1868 दिल्ली के मशहूर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के संस्थापक, वैद्य-और सामाजिक कार्यकर्ता हकीम अजमल खां का जन्म हुआ।

1871 महात्मा गांधी के मित्र, ईसाई मिशनरी एवं भारत में सामाज सुधारक चार्ल्स फ्रीअर एंड्रयूज का जन्म न्यू कैसल इंग्लैंड में हुआ।

1876 थाकपो लैंगडुन, यू-त्सांग, तिब्बत में 13वें दलाई लामा, थुबटेन ग्यात्सो (न्गवांग लोबसांग थुप्टेन ग्यात्सो जिग्द्राल चोकले नामग्याल) का जन्म हुआ। थुबटेन ग्यात्सो अशांत आधुनिक युग के दौरान पदासीन हुए। उन्होंने किंग राजवंश के पतन के दौरान अध्यक्षता की और महान तेरहवें दलाई लामा कहलाए। इन्हें तिब्बत की राष्ट्रीय स्वतंत्रता की पुनः घोषणा और राष्ट्रीय सुधार और आधुनिकीकरण के लिए जाना जाता है।

1877 8वां एरॉनडिसमेंट, पेरिस, फ्रांस में लुई रेनॉल्ट का जन्म हुआ। लुई रेनॉल्ट फ्रेंच इंडस्ट्रियलिस्ट बने और फ्रांस की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक रेनॉल्ट की स्थापना की। रेनॉल्ट महंगा और दुनिया भर में लोकप्रिय कार वाहन है। लुई रेनॉल्ट ने अपनी पसंद और काम के बावत कहा, बहुत छोटी उम्र में, नेचर से, मुझे एक ही चीज पसंद थी, मुझे बस खुशी थी, कि कुछ डिजाइन करो, बनाओ और प्रोड्यूस करो... मुझे हमेशा आजादी पसंद रही है। और उन्हें मक्खन देना बेहतर है, वरना वे गायें ले जाएंगे। (अपनी फैक्ट्रियों को बंद होने से बचाने के लिए जर्मन आर्मी को सप्लाई करने के बारे में)। और, मेरे मन में अपने लिए एक कार बनाने का आइडिया था।

1882 प्रख्यात बांग्ला कवि सत्येंद्रनाथ दत्त का जन्म हुआ।

1885 जर्मन ईस्ट अफ्रीका कंपनी का गठन हुआ।

1902 लार्ड डफरिन का बंगोर, लंदन में निधन हुआ। लॉर्ड डफरिन 1884 ईस्वी में लॉर्ड रिपन (फ्रेडरिक हैमिल्टन-टेंपल-ब्लैकवुड, डफरिन और एवा के प्रथम मार्केस जन्म 21 जून 1826, फ्लोरेंस, इटली) के बाद भारत के वायसराय बनकर आए। वह 1884 से 1888 तक भारत के वाइसराय तथा गवर्नर-जनरल रहे।

1908 विख्यात फ्रांसीसी चित्रकार, व्यंग्यकार और पत्रकार और राजनीतिक टिप्पणीकार जीन एफेल का जन्म हुआ।

1912 चीन में मंचु राजवंश ने राज गद्दी छोड़ दी।

1914 वाशिंगटन, डिस्ट्रिक्ट आॅफ कोलंबिया में अब्राहम लिंकन के नाम पर बनने वाले लिंकन मेमोरियल का शिलान्यास किया गया।

1919 साहित्य और शिक्षा के क्षेत्री में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार से पद्म भूषण सम्मान प्राप्त और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित बीसवीं सदी के भारतीय बंगाली कवि सुभाष मुखोपाध्याय का जन्म हुआ। इसी दिन प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नेता सूफी अंबा प्रसाद का निधन हुआ। इसी दिन भारतीय राजनीतिज्ञ नवाब सैयद मोहम्मद बहादुर का निधन हुआ।

1920 हिंदी फिल्मों के विख्यात नायक, खलनायक और चरित्र अभिनेता प्राण यानी प्राण किशन सिकंद का जन्म बल्लीमारान, दिल्ली में हुआ।

1922 मोहनदास कर्मचंद गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।

1924 श्रीमती इंदिरा गांधी के आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी का जन्म हुआ।

1925 कम्युनिस्ट पार्टी पर उत्तरी यूरोप के बाल्टिक देश इस्टोनिया ने प्रतिबंध लगाया।

1928 मोहनदास कर्मचंद गांधी ने बारदोली में सत्याग्रह की घोषणा की।

1938 नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर शासित जर्मनी की सेना ने ऑस्ट्रिया में प्रवेश किया।

1939 दिग्गज जाट राजनेता, प्रधानमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह का जन्म मेरठ में हुआ। अजीत सांसद, केंद्रीय मंत्री रहे। उनके बेटे जयंत सिंह अब उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के नेता हैं। जयंत लोकसभा चुनाव 2024 के लिए शुरुआत में विपक्षी गठबंधन इंडिया एलायंस गठबंधन का हिस्सा थे। चुनाव से कुछ दिन पहले जयंत नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चल रहे गठबंधन का हिस्सा बन गए।

1946 कलकत्ता के सांप्रदायिक दंगे में 14 लोग मारे गए।

1947 फ्रांसीसी डिजाइनर क्रिश्चियन डायर ने एक न्यू लुक का अनावरण किया, जिसने महिलाओं की पोशाक में क्रांति ला दी और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पेरिस को फैशन की दुनिया का केंद्र बना दिया।

1948 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को आरएसएस से जुड़े विनायक दामोदर सावरकर के शिष्य नाथूराम गोडसे ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। गांधी की मृत्यु के 13वें दिन 12 फरवरी 1948 को उनकी अस्थियां देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग पवित्र सरोवरों में विसर्जित की गईं। एक कलश को इलाहाबाद में गंगा नदी में प्रवाहित किया गया। यहां पर दस लाख से अधिक लोगों ने नम आंखों से साबरमती के संत गांधी को अंतिम विदाई दी। इसी दिन मिस्र के मशहूर संघर्षकर्ता और इखवानुल मुसलमीन संगठन के संस्थापक हसन-अल-बत्रा को 12 फरवरी 1948 में ब्रिटेन और मिस्र के तत्कालीन नरेश मलिक फारूक ने षडयंत्र रच कर मरवा दिया।

1949 जाने माने भारतीय क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ का जन्म भद्रावती में हुआ।

1950 असम के धुबरी सीट से आल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी के सांसद, प्रमुख मुस्लिम राजनेता मौलाना बदरुद्दीन अजमल साहब कासमी का जन्म हुआ।

1952 सुगत मित्रा का जन्म कलकत्ता में हुआ। सुगत मित्रा भारत के जाने माने कंप्यूटर वैज्ञानिक, न्यूकैसल विश्वविद्यालय, इंग्लैंड में शिक्षा, संचार और भाषा विज्ञान के प्रोफेसर, भारत में एनआईआईटी में मुख्य वैज्ञानिक बने।

1953 सूडान के बारे में मिस्र और ब्रिटेन के बीच समझौता हुआ।

1954 महाराष्ट्र के बहुविवादित भाजपा नेता, लोकसभा सदस्य रहे किरीट सोमइया का जन्म बंबई में हुआ।

1955 विख्यात अमेरिकी फिल्म अभिनेता टॉम मूर का निधन हुआ।

1962 तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ आदि दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने माने अभिनेता जगपति बाबू का जन्म मचिलिपटनम में हुआ।

1967 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त जाने माने भारतीय संगीतकार नरसिंहन रविकिरण का जन्म मैसूर में हुआ।

1972 भारतीय-अमरीकी फिल्म अभिनेता अजय नायडू का जन्म इवांसटन, इलिनोइस, अमेरिका में हुआ।

1974 मास्को में नोबेल पुरस्कार विजेता सोवियत संघ के विख्यात लेखक अलेक्जेंडर सोल्जेनित्शिन को गिरफ्तार किया गया।

1975 भारत सरकार ने 12 फरवरी, 1975 को भारत के चेचक मुक्त राष्ट्र बनने की घोषणा की।

1976 छात्र जीवन से कांग्रेस कार्यकर्ता रहे और हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद तक पहुंचे अशोक तंवर का जन्म हुआ।

1978 प्रख्यात उद्योगपति और कारोबारी आदी गोदरेज की बेटी और आजकल गोदरेज समूह की तमाम जिम्मेदारियां संभाल रही निशा गोदरेज यानी निसाबा आदी का जन्म हुआ।

1983 पाकिस्तान के लाहौर में सौ महिलाओं ने सैन्य तानाशाह जिया-उल-हक के प्रस्तावित साक्ष्य कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज किया गया और उन्हें हवालात में डाल दिया गया। महिलाएँ कानून को निरस्त करवाने में सफल रहीं।

1984 जाने माने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी विनय कुमार का जन्म कर्नाटक के देवांगेरे में हुआ।

1988 द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सात लाख लोगों की हत्या के सिलसिले में 86 वर्षीय एड्रिया आर्टुकोविक को मुकदमा चलाने के लिए अमेरिका से यूगोस्लाविया भेजा गया।

1989 गमुंडेन, ऑस्ट्रिया में ऑस्ट्रियाई उपन्यासकार, नाटककार, कवि और विवादवादी थॉमस बर्नहार्ड (निकोलस थॉमस बर्नहार्ड जन्म 9 फरवरी 1931, हीरलेन, नीदरलैंड) का निधन हुआ। थॉमस बर्नहार्ड को युद्ध के बाद के युग के सबसे महत्वपूर्ण जर्मन-भाषा लेखकों में से एक माना जाता है।

1990 टोरंटो, ओंटारियो, कनाडा में कैथरीन बैरेल का जन्म हुआ। कैथरीन बैरेल कनाडाई अभिनेत्री, लेखिका, निर्माता और निर्देशक हैं। बैरेल गर्ल टाक एंपावरमेंट के पिंक बॉक्स प्रोग्राम की पैरोकार हैं। गर्ल टाक एंपावरमेंट कनाडाई संगठन है जो लड़कियों को विश्व-परिवर्तक बनने के लिए प्रेरित, सशक्त और संगठित करता है। 

1991 जानी मानी, खूबसूरत, बोल्ड टेलीविजन अभिनेत्री एवं माॅडल अदिति सजवाण का जन्म देहरादून में हुआ।

1994 एडवर्क मुंक की प्रसिद्ध पेटिंग द स्क्रीम नेशनल गैलरी ऑफ नॉर्वे से चुरा ली गई। बाद में उसे चोरों से बरामद कर लिया गया।

1996 फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात ने गाजा में फिलिस्तीन के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

1998 अमेरिकी कंपनी राइसटेक को बासमती चावल का अमेरिकी सरकार से पेटेंट मिला।

1999 बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया।

2000 शास्त्रीय संगीतज्ञ पंडित रविशंकर फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान कॉमनडियर डीला लीजंड डि आनर से सम्मानित किए गये। इसी दिन पाकिस्तान को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ से निलंबित किया गया।

2002 ईरान का एक विमान खुर्रमाबाद हवाई अड्डे पर उतरते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें करीब 119 लोगों की जान चली गई। इसी दिन संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में पहला रेड हैंड डे या बाल सैनिकों के युद्ध में उपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। इस दिन राजनीतिक नेताओं से अपील की जाती है और बाल सैनिकों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए दुनिया भर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे जो सभी प्रकार के सैन्य संगठनों में भाग लेते हैं। रेड हैंड डे का उद्देश्य इस प्रथा को रोकने के लिए कार्रवाई का आह्वान करना और इससे प्रभावित बच्चों का समर्थन करना है। मतलब युद्ध की स्थिति में या सामान्य रूप से भी अवयस्क बच्चों, युवाओं का उपयोग युद्ध और सैनिक गतिविधियों में न किया जाए।

2008 हिंदी टेलीविजन धारावाहिकों और बाॅलीवुड फिल्मों के बाल कलाकार आर्यन प्रजापति का जन्म हुआ। इसी दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुचर्चित उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियन्त्रण विधोयक (यूपीकोका) को दोबारा पारित किया। इसी दिन अमेरिका में हाइड एक्ट के सह लेखक टॉम लेंटास का निधन हुआ। इसी दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहला यूरोपीय लैब स्थापित किया गया। इसी दिन पूर्वी तिमोर में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री पर हमले के बाद प्रधानमंत्री जाना जुस्माओ ने आपातकाल की घोषणा की।

2009 भारत के वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला भैंस क्लोन विकसित किया। इसी दिन भारत के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को कैंम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने डीलिट् की उपाधि देने की घोषणा की।

2010 भारतीय-अमेरिकी जीवविज्ञानी, विद्वान और हंट्सविल के अलाबामा विश्वविद्यालय में संकाय सदस्य जीके पोदिला (गोपी कुमार पोदिला) अपने कार्यालय में गोलीबारी में कुछ अन्य लोगों के साथ मारे गये।

2013 अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने 2020 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक से कुश्ती के खेल को बाहर करने की घोषणा की। इसी दिन उत्तर कोरिया ने अपना तीसरा भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।

2014 अट्ठाईस वर्षों के बाद फिलीपीन के तानाशाह फर्डिनेंड मार्कोस को सत्ता से बाहर कर दिया गया। मार्कोस और उनकी पत्नी इमेल्डा मार्कोस ने बहुत भ्रष्टचार और सत्ता का दुरुपयोग किया। आरोप यह भी लगे कि उन्होंने बहुत फिजूलखर्ची की और पैसा विदेशों में भी छुपाया।

2016 पोप फ्रांसिस और पैट्रिआर्क किरिल ने 1054 में विभाजन के बाद कैथोलिक और रूसी रूढ़िवादी चर्चों के नेताओं के बीच पहली बैठक में एक विश्वव्यापी घोषणा पर हस्ताक्षर किए।

2017 83 वर्ष की आयु में स्लीपी हॉलो, न्यूयॉर्क में प्रसिद्ध अमेरिकी कला इतिहासकार और पुरातत्वविद अन्ना मारगुएराइट मैककैन (जन्म 11 मई 1933) का निधन हुआ। अन्ना मैककैन 1960 के दशक की शुरुआत में पानी के नीचे पुरातत्व के क्षेत्र में काम करने वाली प्रारंभिक प्रभावशाली व्यक्ति और पहली अमेरिकी महिला होने के लिए जानी जाती हैं।

2019 मैसेडोनिया ने ग्रीस के साथ लंबे समय से चले आ रहे नामकरण विवाद को सुलझाते हुए, प्रेस्पा समझौते के अनुसार अपना नाम बदलकर उत्तरी मैसेडोनिया गणराज्य कर लिया। इसी दिन 2019 में प्यूर्टो रिकान पेशेवर पहलवान और कमेंटेटर पेड्रो मोरालेस का निधन हुआ।

2020 प्रसिद्ध कनाडाई अखबार स्तंभकार, पत्रकार और प्रसारक क्रिस्टी ब्लैचफोर्ड का निधन हुआ।

2022 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को कहा कि त्रिपुरा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के चार साल के शासन के दौरान कम से कम 23 माकपा सदस्यों और समर्थकों की हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि पुलिस ने कई मामलों में उलटे ही पीड़ितों के खिलाफ कार्रवाई की। त्रिपुरा माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने गुरुवार शाम दक्षिणी त्रिपुरा के कमालपुर बाजार में पार्टी सदस्य बेनू विश्वास की हत्या पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य में अब कानून का शासन नहीं रहा। माकपा नेता जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस का एक वर्ग भाजपा समर्थित अपराधियों और हत्यारों को पनाह दे रहा है। चौधरी ने कहा कि पुलिस और अपराधियों के बीच सांठगांठ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जिससे त्रिपुरा में पूरी तरह अराजकता फैल गई है। माकपा सदस्यों ने अपने नेताओं के नेतृत्व में बिस्वास की हत्या के खिलाफ शुक्रवार और शनिवार को पूरे त्रिपुरा में विरोध रैलियों और प्रदर्शनों का आयोजन किया। 2022 में इसी दिन इवान रीटमैन, स्लोवाक-कनाडाई अभिनेता, निर्देशक और निर्माता का निधन हुआ।

2023 गुजरे जमाने के सुप्रसिद्ध दूरदर्शन उद्घोषक, शरद दत्त का 12 फरवरी, रविवार सुबह दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे और गले में कैंसर से पीड़ित थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। वह वर्षों पहले पत्नी से अलग होने के बाद एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे थे। दत्त दिल्ली दूरदर्शन में उपनिदेशक पद से अवकाश ग्रहण करने के बाद एक टेलीविजन चैनल में शीर्ष पद पर थे। बीती सदी के शुरुआती प्रमुख पार्श्व गायक एवम अभिनेता कुंदन लाल सहगल, मशहूर संगीतकार अनिल विश्वास और गीतकार साहिर लुधियानवी की उन्होंने जीवनियां लिखी थी। वह हिंदी सिनेमा के चलते फिरते कोश कहे गए। शरद दत्त नेशनल फिल्म ज्यूरी के सदस्य भी थे। शरद दत्त ने नूरजहां कुंदन लाल सहगल नौशाद ,मुकेश दिलीप कुमार सलिल चौधरी और अमिताभ बच्चन आदि पर वृतचित्र बनाए थे। उन्होंने पं. जवाहर लाल नेहरू की प्रसिद्ध किताब भारत एक खोज पर भी एक वृतचित्र बनाया था। विख्यात लेखक, संपादक, स्तंभकार, कथाकार, पत्रकार खुशवंत सिंह के साथ भी एक वृतचित्र बनाया था। उन्होंने करीब 100 शानदार वृतचित्रों का निर्माण किया।

2024 रुद्रपुर के मजदूर संगठन, सामाजिक संगठन, मजदूर यूनियनों ने राष्ट्रपति महोदया, मुख्य न्यायाधीश महोदय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली को जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड के माध्यम से एक ज्ञापन ज्ञापन 8 फरवरी को हल्द्वानी बनभूलपुरा में हुई हिंसा की न्यायिक जांच कराने के संदर्भ में दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि 8 फरवरी को हल्द्वानी के मुस्लिम बहुल बनभूलपुरा क्षेत्र में कथित रूप से कथित सरकारी भूमि पर अवैध मदरसे व मस्जिद को प्रशासन द्वारा ढहाये जाने के बाद हुई हिंसा, आगजनी, पथराव व पुलिस फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई और आम जनता, पत्रकार पुलिस कर्मी सहित सैकड़ों लोग घायल हो गए। हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में सख्त कर्फ्यू लगा दिया गया। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम रुद्रपुर के मजदूर संगठन, सामाजिक संगठन, मजदूर यूनियन इस घटना की कठोर शब्दों में निन्दा करते हैं। ज्ञापन में कहा गया कि जिस मदरसे और मस्जिद को ढहाने के पश्चात इतनी बड़ी घटना अप्रिय घटित हुई है वह मामला उच्च न्यायालय, नैनीताल में विचाराधीन है और 14 फरवरी को उस मामले में सुनवाई होनी थी। हल्द्वानी नगर निगम द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर जब मदरसे व मस्जिद को नोटिस जारी किया गया तब से ही स्थानीय लोगों द्वारा इसका विरोध किया गया और उच्च न्यायालय में इसका केस होने की बात कही गई थी। पहले प्रशासन की 4 फरवरी रविवार को मदरसे और मस्जिद को ध्वस्त करने की योजना थी। अचानक 3 फरवरी की देर रात प्रशासन द्वारा मदरसे और मस्जिद को सील कर दिया गया था। तब फिर ऐसी कौन सी आपात स्थिति पैदा हो गई की प्रशासन ने आनन-फानन में भारी फोर्स लगाकर 8 फरवरी को विवादित निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया ? ज्ञापन में कहा गया कि सफिया मलिक की याचिका पर 14 फरवरी 2024 को उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। इसके अतिरिक्त बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने भी पूर्व में अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक लगाई हुई है और वहां भी सुनवाई जारी है। किंतु शासन प्रशासन द्वारा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा न करते हुए न्यायालय के अग्रिम आदेशों तक इंतजार करने के स्थान पर खुद ही तुरत फुरत उक्त कार्यवाही करना संदेह पैदा करता है। शासन प्रशासन की इस कार्यवाही से कई लोगों की अकाल मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए, संपत्ति का भी भारी नुकसान हुआ, और सामाजिक व सांप्रदायिक सद्भाव को गंभीर हानि हुई। आम जनमानस का जीवन कर्फ्यू के कारण अस्त व्यस्त हो गया। स्कूल- कालेज बंद होने से छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, इस घटना से उत्तराखंड राज्य व हमारे प्यारे भारत देश की छवि दुनिया भर में खराब हुई है। सत्ता में मौजूद फासीवादी ताकतें पूरे देश में सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति कर रही हैं। उत्तराखंड को भी इसी नफरत भरी राजनीति की प्रयोगशाला बनाने की कोशिशें हो रही है । प्रशासन की यह कार्यवाही संदेह पैदा करती है कि विवादित स्थल को पहले सील करना फिर समान नागरिक संहिता पारित होने के ठीक अगले दिन हल्द्वानी में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के मकसद से तो यह कार्यवाही तो नही की गई ? इन परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की जरूरत है। ज्ञापन देने के लिए क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, इंकलाबी मजदूर केंद्र के दिनेश चंद्र, इंट्रार्क मजदूर संगठन के सौरभ कुमार व फिरोज खान, भाकपा माले के ललित मटियाली, अमनदीप कौर मासा के कैलाश चंद, भाकपा के पूर्व सचिव राजेंद्र प्रसाद गुप्ता व दर्शन सिंह, मजदूर सहयोग केंद्र से अमर सिंह सैनी व सुख देवी, समता सैनिक दल से गोपाल सिंह गौतम, राजेश कुमार, लुकास टीवीएस मधुर संघ से मनोहर सिंह आदि लोग मौजूद थे।    

दुनिया सबसे मजबूत लोगों को विरासत में नहीं मिलेगी, यह उन लोगों को विरासत में मिलेगी जो सबसे अधिक बदलाव करने में सक्षम हैं। -चार्ल्स डार्विन (अंग्रेजी प्रकृतिवादी, भूविज्ञानी और जीवविज्ञानी)

(Disclaimer विशेष सूचना- हमने तथ्यों को यथासंभव जांचकर प्रस्तुत किया है। फिर भी किसी भूल के लिए हम क्षमाप्रार्थी होंगे। पाठक कृपया अपने स्तर पर भी तथ्यों को जांच-परख लें, साथ ही हमारा निवेदन है कि यदि आपको कोई त्रृटि दिखी तो कृपया हमें सूचित करें ताकि हम उसे सुधार सकें। आपकी प्रतिक्रियाएं, सुझाव, रचनाएं आमंत्रित हैं। धन्यवाद ! -संपादक - पीपुल्स फ्रैंड)

प्रस्तुति: एपी भारती (पत्रकार, संपादक पीपुल्स फ्रैंड, रुद्रपुर, उत्तराखंड)

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