Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

अदाणी पर मुकदमा और मोदी का एपस्टीन फाइल में नाम आने पर अत्यधिक अमेरिकी दबाव में भारत ने किया खतरनाक, आत्मघाती व्यापार समझौता Under immense US pressure due to the Adani lawsuit and Modi's name appearing in the Epstein files, India made a dangerous, suicidal trade agreement



वाशिंगटन। नरेंद्र मोदी के मित्र गौतम अदाणी को मुकदमे में बचाने और नरेंद्र मोदी का एपस्टीन फाइल में नाम आने के दबाव के बीच अमेरिका के साथ समझौते पर बनी सहमति के तहत भारत, रूस से कच्चे तेल की खरीद सीमित करेगा। इसके बदले व्यापार शुल्क कम किया जाएगा। जानकारी दी। भारत सरकार की ओर से बताया गया है कि नायरा एनर्जी जैसी रिफाइनरियां, जिनके पास कोई दूसरा वैकल्पिक स्रोत नहीं है, फिलहाल आयात जारी रखेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात घोषणा की कि एक व्यापक द्विपक्षीय समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं के आयात पर जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद बंद करने, अमेरिका के खिलाफ अपने शुल्क और गैर-शुल्क अवरोधों को कम करने व समय के साथ 500 अरब डॉलर मूल्य की अतिरिक्त अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पाद, कोयल, अन्य वस्तुओं की खरीद की प्रतिबद्धता जताने के बाद हुआ है। रूसी तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता से पूर्व में लगाया गया 25ः का अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क हट जाएगा और भारतीय निर्यात पर लागू प्रभावी अमेरिकी शुल्क की दर 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगी। यह भारतीय निर्यातकों को काफी राहत वाली बात है। रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी, 2022 में युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर प्रतिबंध लगाए।

रूसी तेल रियायती दरों पर उपलब्ध होने के कारण भारतीय रिफाइनरियां दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी रूसी तेल खरीदार बन गईं। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि भारतीय रिफाइनरियां घोषणा से पहले किए गए खरीद समझौतों का पालन करना जारी रखेंगी, लेकिन इसके बाद नए ऑर्डर नहीं देंगी। जहां हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लि. और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लि. जैसी रिफाइनरियों ने पिछले साल अमेरिका द्वारा रूस के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाने के तुरंत बाद रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. जैसी अन्य कंपनियां भी अपनी खरीद धीरे-धीरे कम करेंगी। भारत की सबसे बड़ी खरीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. ने पिछले साल के अंत में रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद खरीद रोक दी थी।

उसके बाद कंपनी संभवतः फिर से शुरू 1,00,000-150,000 बैरल कार्गो की डिलिवरी के बाद खरीद बंद कर देगी। इस नियम का एकमात्र अपवाद नायरा एनर्जी हो सकती है। रूस से संबंध होने के कारण नायरा पर पहले यूरोपीय संघ और फिर ब्रिटेन द्वारा प्रतिबंध लगाए गए (रोसनेफ्ट की नायरा में 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है)। इन प्रतिबंधों के कारण, कोई भी अन्य प्रमुख आपूर्तिकर्ता कंपनी के साथ व्यावसायिक लेन-देन करने को तैयार नहीं है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी को प्रतिबंधित इकाइयों से अलग कंपनियों से रूसी तेल खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, नायरा निकट भविष्य में गैर- प्रतिबंधित इकाइयों से रूसी तेल की खरीद जारी रख सकती है।

दिसंबर में हुई बातचीत के दौरान अमेरिकी व्यापार अधिकारियों को रिफाइनरी की अनूठी स्थिति के बारे में समझाया गया था और नायरा को रूसी तेल की खरीद पर प्रतिबंध नीति से छूट दी जा सकती है या इसके लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई जा सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि भारत पर जवाबी शुल्क 25 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत लगाया जाएगा। यह अधिकांश आसियान अर्थव्यवस्थाओं (सिंगापुर को छोड़कर) पर लगाए गए 19 प्रतिशत और बांग्लादेश पर लगाए गए 20 प्रतिशत से मामूली रूप से कम है। रूसी तेल से संबंधित अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी हटा दिया जाएगा, क्योंकि भारत कथित तौर पर रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो गया है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अमेरिकी प्रशासन के दबाव में समर्पण करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने विपक्ष के रुख को गैरजिम्मेदाराना और राष्ट्रहित के खिलाफ बताया। संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील को एकतरफा समझौता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव में आकर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री ने इस ट्रेड डील में देश के किसानों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई को बेच दिया है। देश को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार महीनों से यह डील लंबित थी और अचानक सोमवार को इसे अंतिम रूप दिया गया।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उद्योगपति गौतम अदाणी से जुड़े एक मामले और तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ के खुलासों के कारण प्रधानमंत्री दबाव में हैं। राहुल गांधी ने कहा, जो मैं जानता हूं और जो प्रधानमंत्री भी जानते हैं, उसी वजह से यह डील साइन हुई है।

राज्यसभा में कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हर महत्वपूर्ण जानकारी वाशिंगटन से ही क्यों मिलती है? पार्टी ने मांग की कि इस द्विपक्षीय समझौते पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए और सरकार स्थिति स्पष्ट करे। राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी और सांसद जयराम रमेश ने कार्यवाही शुरू होते ही यह मुद्दा उठाया। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आश्वासन दिया कि सरकार का पक्ष सदन में रखा जाएगा और मामले को नोट कर लिया गया है। इसके बाद शून्यकाल की कार्यवाही शुरू हुई। शून्यकाल समाप्त होते ही कांग्रेस सदस्य अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी हंगामे में शामिल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख विपक्षी सदस्य वाकआउट कर गए।

दुनिया भर में माना जा रहा है कि यह आत्मघाती कदम अत्यधिक अमेरिकी दबाव में किया गया है। कारण, मोदी के करीबी मित्र गौतम अदाणी पर अमेरिकी मुकदमे का शिकंजा कसा है और नरेंद्र मोदी का नाम एपस्टीन फाइल में आया है। इससे ध्यान भटकाने के लिए आनन-फानन में भारतीय हितों के खिलाफ समझौता कर लिया गया है। समझौते की जानकारी भी भारत ने पहले नहीं दी, भारत-पाक संघर्ष विराम की तरह इस समझौते की जानकारी भी पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ही साझा की।

प्रस्तुति: एपी भारती (पत्रकार, संपादक पीपुल्स फ्रैंड, रुद्रपुर, उत्तराखंड)

कृपया हमारी Facebook Profile https://www.facebook.com/ap.bharati.journalist देखिए, अपने सुझाव दीजिए ! धन्यवाद !

प्रेस / मीडिया विशेष - आप अपने समाचार, विज्ञापन, रचनाएं छपवाने, समाचार पत्र, पत्रिका पंजीयन, सोशल मीडिया, समाचार वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, कंटेंट राइटिंग इत्यादि प्रेस/मीडिया विषयक कार्यों हेतु व्हाट्सऐप 9411175848 पर संपर्क करें।

#WorldHistoryonFebruary4th #WorldCancerDay #InternationalDayofHumanFraternity #RosaParks #VaniJairam #UrmilaMatondkar #RebaMonicaJohn #AlmeidaGarrett #FranzReichelt #SuzanneSuba #Facebook #MarkZuckerberg #MeenaKeshwarKamal #KRNarayanan #MakhdoomMohiuddin #Quotes #Thoughts #Motivation #Inspiration #Facts #Truth #Nature #Science #Politics #Economy #World #Business #jobs #Inflation #Uttarakhand #Rudrapur #Udhamsinghnagar #Peoplesfriend #Newspaper #APBharati #Journalism #Writing #Socialmedia #PatriciaHighsmith #BhimsenJoshi #ChauriChauraincident #YahyaKhan

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ