Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

डोनाल्ड ट्रंप के दावे से रूस का इन्कार, मोदी ने तेल खरीद घटाना स्वीकारा, जनवरी में आयात घटा, क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव को खरीद जारी रहने की उम्मीद Russia denies Donald Trump's claim, Modi admits to reducing oil purchases; imports fell in January; Kremlin spokesman Dmitry Peskov expects purchases to continue



मॉस्को, 3 फरवरी 2026। रूसी सत्ता मुख्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को जानकारी दी कि रूस को तेल खरीद रोकने के संबंध में भारत से कोई संदेश नहीं मिला है। दमित्री पेस्कोव ने यह तब कहा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्श्रूस से तेल खरीदना बंद करने व अमेरिका तथा संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हो गए हैं। पेस्कोव ने कहा कि हमें नई दिल्ली से अभी तक कोई संदेश नहीं मिला है। हालांकि आंकड़े बता रहे हैं कि रूस से तेल आयात भारत ने घटाया है।

रूस के मीडिया की खबरों के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रूस हर संभव तरीके से भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना जारी रखने का इरादा रखता है। रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि रूस को भारत द्वारा रूसी तेल को अस्वीकार करने की संभावना के संबंध में केवल अमेरिका की ओर से सार्वजनिक बयान ही देखने को मिले हैं। मंत्रिमंडल में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे नोवाक ने कहा, अभी तो सिर्फ सार्वजनिक बयान ही सामने आए हैं। देखते हैं आगे क्या हालात बनते हैं। उन्होंने कहा कि रूस को भरोसा है कि उसके ऊर्जा संसाधनों की वैश्विक स्तर पर मांग बनी रहेगी, क्योंकि वे आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाए रखते हैं। नोवाक ने कहा कि कुल मिलाकर, हमारे ऊर्जा संसाधनों की मांग बनी हुई है। आपूर्ति हमेशा मांग के अनुरूप बनी रहेगी क्योंकि संतुलन कायम है। रूस के ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि उन्हें भारतीय रिफाइनरी कंपनियों से अनुबंध रद्द करने के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है।

मालूम हो कि सोमवार को मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि भारत-अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत अमेरिका जवाबी शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। पिछले साल ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए थे, जो दुनिया में किसी भी देश पर सबसे ज्यादा शुल्क था। इनमें रूस से तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का शुल्क भी शामिल था।

भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा दूसरे देशों से खरीदता है, जिसे पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों में परिवर्तित किया जाता है। वर्ष 2021 तक भारत द्वारा आयात किए गए कुल कच्चे तेल में रूसी तेल का हिस्सा 0.2 प्रतिशत था। विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश भारत, फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मॉस्को से दूरी बनाने के बाद रियायती रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया।

तेल आपूर्ति पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के पहले तीन हफ्तों में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात घटकर लगभग 11 लाख बैरल प्रति दिन रह गया, जबकि पिछले महीने यह औसतन 12.1 लाख बैरल प्रति दिन था और 2025 के मध्य में आयात 20 लाख बैरल प्रति दिन से अधिक होने का अनुमान था। केप्लर के अनुसार इराक अब रूस के लगभग बराबर मात्रा में आपूर्ति कर रहा है, जो दिसंबर 2025 में औसतन 9,04,000 बैरल प्रति दिन से ज्यादा है। सऊदी अरब से भी तेल का उत्पादन जनवरी में बढ़कर 9,24,000 बैरल प्रति दिन हो गया, जो दिसंबर में 7,10,000 बैरल प्रति दिन और अप्रैल 2025 में 5,39,000 बैरल प्रति दिन के निचले स्तर पर था।

प्रस्तुति: एपी भारती (पत्रकार, संपादक पीपुल्स फ्रैंड, रुद्रपुर, उत्तराखंड)

कृपया हमारी Facebook Profile https://www.facebook.com/ap.bharati.journalist देखिए, अपने सुझाव दीजिए ! धन्यवाद !

प्रेस / मीडिया विशेष - आप अपने समाचार, विज्ञापन, रचनाएं छपवाने, समाचार पत्र, पत्रिका पंजीयन, सोशल मीडिया, समाचार वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, कंटेंट राइटिंग इत्यादि प्रेस/मीडिया विषयक कार्यों हेतु व्हाट्सऐप 9411175848 पर संपर्क करें।

#ElizabethBlackwell #NationalWomenPhysiciansDay #HenningMankell #InternationalDayAgainstSwearing #GeorgeSteiner #RakhiSawant #WoodrowWilson #RamSinghKuka #JohannesGutenberg #February3rdinWorldHistory  #Quotes #Thoughts #Motivation #Inspiration #Facts #Truth #Nature #Science #Politics #Economy #World #Business #jobs #Inflation #Uttarakhand #Rudrapur #Udhamsinghnagar #Peoplesfriend #Newspaper #APBharati #Journalism #Writing #Socialmedia #GeorgeAdamson #DeeptiNaval

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ