ओटावा। कनाडा के नये आरोपों ने भारत सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत की जेल में बंद आपराधिक गिरोह का सरगना लॉरेंस बिश्नोई, जेल से ही जबरन वसूली, ड्रग तस्करी और सुपारी लेकर हत्या जैसे काम को अंजाम दे रहा है। ग्लोबल न्यूज द्वारा रिपोर्ट किए गए दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि बिश्नोई गिरोह न केवल कनाडा में अपनी हिंसक गतिविधियों का विस्तार कर रहा है, बल्कि सिख अलगाववादियों और अन्य कथित खतरों को निशाना बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से कार्य भी कर रहा है। यह गोपनीय रिपोर्ट ऐसे समय में लीक हुई है जब भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक बातचीत दोबारा शुरू होने वाली है।
लॉरेंस वर्तमान में गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। ग्लोबल न्यूज के बुधवार को किए गए इन दावों पर भारत सरकार, गुजरात जेल विभाग और भारतीय उच्चायोग ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। रिपोर्ट के अनुसार, बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में है, लेकिन कथित तौर पर वह वहीं से अपना संगठन चला रहा है। वह गोल्डी बराड़ (सतविंदरजीत सिंह) जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर भारत, उत्तरी अमेरिका और यूरोप में फैले लगभग 700 सदस्यों के नेटवर्क की निगरानी करता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय सरकारी अधिकारियों ने खालिस्तान समर्थक नेताओं पर हमले करवाने के लिए बिश्नोई सिंडिकेट जैसे समूहों का उपयोग किया है। इसमें 2023 में सरे (ठब्) में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और विनिपेग में सुखदूल सिंह की हत्या का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि पकड़े गए संदेशों में कथित तौर पर निज्जर की हत्या के तार वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से जुड़े हैं, जिससे कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
कनाडा ने पहली बार 15 अक्तूबर, 2024 को सार्वजनिक रूप से भारतीय एजेंटों पर बिश्नोई गिरोह के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को हास्यास्प और राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके जवाब में भारत ने छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था और ओटावा से अपना राजदूत वापस बुला लिया था। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले भारतीय एजेंटों पर निज्जर की हत्या में संभावित रूप से’ शामिल होने का आरोप लगाया था। निज्जर (45) की 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर हत्या कर दी गई थी। ट्रूडो ने आरोप कई देशों की एक जांच एजेंसी की जांच के बाद लगाया था। एडमॉन्टन में रहने वाले 22 वर्षीय करण बराड़, कमलप्रीत सिंह और 28 वर्षीय करणप्रीत सिंह पर हत्या व हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे।
मालूम हो कि भारत सरकार पर आरोप है कि उसने अमेरिका में सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए निखिल गुप्ता को ठेका दिया था। वह अमेरिका की जेल में है। उस प्रकरण में एक भारतीय सुरक्षा अधिकारी विकास यादव को भी अमेरिका प्रत्यर्पित करने से रोकने के लिए उस पर फर्जी केस लगाकर जेल में भारत सरकार ने रखा हुआ है।
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