रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) उत्तराखंड, 8 मार्च 2026 (रविंद्र कौर, दिनेश चंद्र)। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक महिला दिवस 8 मार्च पर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, प्रगतिशील भोजन माता संगठन व इंकलाबी मजदूर केंद्र ने शहर के गांधी पार्क में संयुक्त रुप से सभा की जिसमें वक्ताओं ने कहा कि आज से सौ साल से भी अधिक समय पहले 8 मार्च,1908 को अमेरिका के न्यूयार्क शहर में काम के घंटे कम करने वेतन बढ़ाने और वोट देने का अधिकार दिये जाने की मांग को लेकर हजारों महिला मजदूरों ने प्रदर्शन किया था। इसी से प्रेरणा लेकर 1910 में डेनमार्क के कोपेनहेगन शहर में समाजवादी महिलाओं के अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय मजदूर महिला दिवस मनाने का एलान किया था तभी से पूरी दुनिया में यह क्रांतिकारी दिवस मनाया जा रहा है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि 8 मार्च का दिन पूरी दुनिया के मजदूर - मेहनतकश महिलाओं को अपने पूर्वजों के संघर्ष को याद करते हुए आगे के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेने का दिन है। वक्ताओं ने कहा कि आज केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा देशी-विदेशी पूंजीपतियों की सेवा करते हुए श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 लेबर कोड बना दिए हैं, जिसमें महिला मजदूरों से रात की पाली व खतरनाक क्षेत्रों में काम कराने की खुली छूट दे दी गई है। काम के घंटे 8 के स्थान पर 12 करने, फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट के तहत स्थायी रोजगार की गारंटी को समाप्त कर दी गई है। ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया गया है। मजदूरों को संगठित होने व हड़ताल करने के संवैधानिक अधिकार पर हमला बोला गया है। छंटनी - तालाबंदी की पूंजीपतियों को खुली छूट दे दी गई है।
वक्ताओं ने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं काम कर रही हैं, सरकारी क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर महिला मजदूरों को पुरुष मजदूरों से काफी कम वेतन दिया जाता है। सरकार द्वारा स्कीम वर्कर्स के रूप में रखी आंगनबाड़ी कार्यकत्री, भोजन माताओं, आशा कार्यकत्रियों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जाता है उन्हें मानदेय दिया जा रहा है जिसकी तुलना बेगारी से की जा सकती है।कार्यस्थलों पर महिलाओं को मानसिक व यौन उत्पीडन का शिकार होना पड़ता है। महिलाओं को फैक्ट्री संस्थानों में काम के साथ साथ घर पर भी खटना पड़ता है।
वक्ताओं ने कहा कि समाज में सभी तरह बुराईयों का दंश महिलाओं को झेलना पड़ता है। पूंजीवादी - साम्राज्यवादी पतित उपभोक्तावादी संस्कृति का जहर हमारी नस्लों को बर्बाद कर रहा है। घटिया फिल्मों - गानों में महिलाओं को माल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, इससे महिला हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। छोटी छोटी बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिला तक दुष्कर्म का शिकार हो रही है। वक्ताओं ने कहा कि आज पूरी दुनिया में अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए साम्राज्यवादी देश कमजोर देशों पर हमला कर रहे हैं। इन युद्धों में सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं व बच्चे होते हैं। एपस्टीन फाईल से उजागर तस्वीरें इस पतित साम्राज्यवादी संस्कृति का चरम है जहां पर दुनिया भर के बढ़े बढे पूंजीपति - एक्टर, नेता, आदि छोटी-छोटी बच्चियों से दुष्कर्म करते हैं और उनका रक्त व मांस तक खाने से गुरेज नहीं करते हैं। नरेंद्र मोदी व उनकी सरकार के मंत्रियों के नाम भी इसमें आ रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि केद्र की मोदी सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है तो दूसरी तरफ भाजपा के राज में महिला हिंसा की घटनाएं हर साल बढ़ रही हैं। भाजपा के कई नेता महिला हिंसा में फंसे हुए हैं। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के दोषियों को बचाने में पूरी भाजपा लगी हुई है। भाजपा आरएसएस के सांप्रदायिक एजेंडे के चलते पूरे देश में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ रहा है। अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत बढ़ रही हैं, माबलीचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। भाजपा आरएसएस ने मजदूर मेहनतकश जनता के अंदर सांप्रदायिक जहर भर दिया है। अब मजदूर मेहनतकश जनता सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने के स्थान पर आपस में ही उलझे हुए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार देश की सार्वजनिक संपत्ति को औने पौने दामों में अडानी- अंबानी सरीखे पूंजीपतियों को बेच रही है। मजदूर मेहनतकश जनता को मिलकर मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा। सभा में आह्वान किया गया कि मजदूर मेहनतकश महिलाओं को संगठित हो कर इस पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष कर बराबरी वाली व्यवस्था समाजवादी व्यवस्था को लाने के लिए जूझने के लिए आगे आना होगा। कार्यक्रम की शुरुआत व समापन क्रांतिकारी गीतों से किया गया।
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक महिला दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविंदर कौर, वंदना, मीना, हीराकली, प्रगतिशील भोजन माता संगठन की तुलसी, उर्मिला,कमलेश यादव, धनवंती देवी , सुमित्रा देवी, रानी, इंकलाबी मजदूर केंद्र की सुनीता, पिंकी गंगवार, कैलाश, सुरेंद्र, दिनेश, परिवर्तनकामी छात्र संगठन की खुशी गंगवार, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के राजेश तिवारी आदि लोगों ने भागीदारी की।
विज्ञप्ति द्वारा, रविंद्र कौर, मो. 75792 32702
प्रस्तुति: एपी भारती (पत्रकार, संपादक पीपुल्स फ्रैंड, रुद्रपुर, उत्तराखंड)
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