कोलकाता। अखिल भारतीय त्रणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रहे एसआईआर (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि इसका इस्तेमाल लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। सुश्री बनर्जी ने साल्ट लेक में 49वें कोलकाता पुस्तक मेले के उद्घाटन समारोह में गुरुवार को लोगों को संबोधित किया, पहले लोग तय करते थे कि सत्ता में कौन आयेगा और कौन नहीं। अब खुद चुनाव आयोग यह पहले से तय कर रहा है कि किसे लाया जायेगा। लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा रहे हैं। सभी को इसके खिलाफ विरोध करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुश्री बनर्जी ने एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया पर सख्त विरोध जताते हुए इसे बेहद अपमानजनक बताया, जिसमें नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन और कवि जॉय गोस्वामी जैसी जानी-मानी हस्तियों को पेश होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि यदि अमर्त्य सेन से उनके माता-पिता की उम्र के अंतर के बारे में पूछा जा सकता है तो इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की इस प्रक्रिया के कारण पहले ही बड़े स्तर पर लोगों को प्रताड़ित किया जा चुका है। ममता बनर्जी ने कहा, एसआईआर की प्रक्रिया जारी है और इसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हमें लोगों की पीड़ा को याद रखना चाहिए। एसआईआर को जायज ठहराने के लिए कोई तार्किक कारण नहीं था और यह कवायद सिर्फ पश्चिम बंगाल में हो रही है। सुश्री बनर्जी ने साल्ट लेक में कोलकाता पुस्तक मेले के 49वें संस्करण का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। इसमें विशेष रूप से एसआईआर विवाद समेत समकालीन राजनीतिक मुद्दे उद्घाटन कार्यक्रम पर हावी रहे।
बनर्जी ने पिछले वर्षों की तरह मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के मेले के दौरान अपनी स्वयं की पुस्तकों के प्रकाशन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस साल उनकी नौ पुस्तकें जारी होंगी। एसआईआर के विरोध पर जोर देते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि वह इस अन्याय की तस्वीर पर चुप नहीं रह सकतीं। उन्होंने कहा, मेरा घर भले ही आग में न हो, लेकिन अगर मेरे पड़ोसी का घर जल रहा हो तो मैं चुप नहीं रह सकती। अगर मेरा पड़ोसी खुश नहीं है, तो मैं भी खुश नहीं हो सकती। अमर्त्य सेन और जॉय गोस्वामी पर हाथ डालकर आप हर किसी को निशाना बना रहे हैं।
ममता बनर्जी ने जानकारी दी कि उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में कविता लिखी है। सुश्री बनर्जी ने कहा, अब तक, मेरी 153 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इस साल नौ और जारी की जायेंगी। ये किताबें मेरे राजनीतिक जीवन के बारे में बात करती हैं, हालांकि इनमें सब कुछ नहीं है, क्योंकि अगर मैं सब कुछ कह देती, तो मेरे दिल में क्या जमा रहता? उन्होंने आगे कहा, चूंकि एसआईआर पर उत्पीड़न जारी है और यह 2026 है। मैंने इस मुद्दे पर 26 कविताएं लिखी हैं।
टीएमसी प्रमुख बनर्जी ने पुस्तक मेले से संबंधित आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि 2024 में लगभग 27 लाख लोगों ने मेले का दौरा किया था। इसमें किताबों की बिक्री 23 करोड़ रुपये की थी। इस साल जिसके पार करने की उम्मीद है। मेले में कुल 1100 स्टॉल लगाये गये हैं और प्रतिदिन दोपहर 12 से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और पेरू सहित 20 देशों के प्रकाशक और प्रतिभागी इस महोत्सव में भाग लेने आये हैं। पब्लिशर्स एंड बुक सेलर्स गिल्ड के अनुरोध पर सुश्री बनर्जी ने अगले वर्ष कोलकाता पुस्तक मेले की 50वीं वर्षगांठ से पहले एक स्थायी बोइ तीर्थ (पुस्तक तीर्थ) के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित करेगी और गिल्ड से औपचारिक प्रस्ताव पेश करने को कहा।
प्रस्तुति: एपी भारती (पत्रकार, संपादक पीपुल्स फ्रैंड, रुद्रपुर, उत्तराखंड)
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